DINESH MOHAN सोशल मीडिया पर इतनी तेजी से वायरल हो रहे हैं जितने तेजी से कोई सेलिब्रिटी भी वायरल नहीं होता है।
सोशल मीडिया पर से ज्यादा वायरल होने वाली फोटो में DINESH MOHAN टॉप पर है।

DINESH MOHAN की रैंप वॉक अगर आप एक बार देख ले तो आपको उनके फैन होने से कोई भी रोक नहीं सकता इतनी जबरदस्त उनकी रैंप वॉक है।
फैशन मूवी में जैसे कंगना रणावत का रैंप वॉक था ऊसी तरह दिनेश मोहन का घायल करने वाला रैंप वॉक है।
चलो देखते हैं आज 63 पार मॉडल की कहानी जो हर किसी को इंस्पायर कर सकती है।
कैसे बने 63 की उम्र में मॉडल
आज हम ऐसे शख्सियत की कहानी देखने जा रहे हैं जो कभी एक साल के ऊपर बिस्तर पर बीमार पड़े हुए थे जिनकी जीने की उम्मीद भी नहीं थी वह शख्सियत आज एक मॉडल के रूप में फेमस है।

दिनेश मोहन बताते हैं कि कुछ पर्सनल लॉस की वजह से 44 की उम्र में ही वह मरने की कगार पर आ चुके थे।
Dinesh Mohan प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT) मे मादक प्रोफेसर थे।
उसके बाद वह शिव नादर विद्यालय गौतम बुद्ध नगर में प्रोफेसर थे। फिर उन्होंने IITD में परिवहन योजना और सुरक्षा के लिए एमिरिट्स वोल्वो चेयर प्रोफेसर थे।
44 की उम्र में कुछ पर्सनल लॉस की वजह से उनको अपनी जॉब छोड़कर घर बैठना पड़ा वह इतने डिप्रेशन में पड़ गए थे के उनको सुसाइड के ख्याल तक आने लगे थे।
लेकिन परिवार का साथ अच्छा होने की वजह से उन्होंने इन ख्यालों को अंजाम तक पहुंचने नहीं दिया।
DINESH MOHAN के 125 किलो वजन की वजह से वह लगभग 1 साल तक बिस्तर पर बीमार पड़े रहे।
Successfull Overcome
उनको माइग्रेशन की बीमारी ने कुछ ज्यादा ही घेर लिया था।

माइग्रेशन की वजह से उनको वर्टिगो हुआ और वर्टिगो की वजह से उनको लगातार चक्कर आते रहते थे।
इस तरह और भी बीमारियां उन पर हावी होने लगी जिसकी वजह से वह इतने बीमार हो गए कि खुद बेड से उठकर बैठ भी नहीं सकते थे।
लोगों को लगता था अभी दिनेश मोहन इसी तरह बेड पर पड़े पड़े ही मर जाएंगे।
लेकिन परिवार का साथ और खुद पर विश्वास इतना दृढ़ था के 125 किलो वजन से उन्होंने लगभग 50 किलो वजन 6 महीने में ही काम कर दिया और खुद अपने पैरों पर खड़े भी हो गए।
STRUGGLE BEHIND THE SUCCESS: DINESH MOHAN
उन्होंने इतना जबरदस्त कम बैक किया के सबके लिए एक आइडल बन गए।
दिनेश मोहन ने उन सभी लोगों को झूठा साबित कर दिया जो कहते थे कि अभी दिनेश मोहन बिस्तर पर पड़े पड़े ही मर जाएंगे।
लगभग दिनेश मोहन ने 12 साल तक खुद से, मौत से, बीमारी से और लोगों से लड़ा है।

यह 12 साल के दर्द भरे स्ट्रगल से निकालना कोई आसान बात नहीं है लोग थोड़े से भी तकलीफ की वजह से जान दे देते हैं।
लेकिन दिनेश मोहन और दिनेश मोहन के परिवार वाले इतने स्ट्रांग थे कि उन्होंने उनको थोड़ा सा भी खुदकुशी का ख्याल तक उनके मन में आने नहीं दिया।
उनको हर बार वह मोटिवेट ही करते थे । उस मोटिवेशन की वजह से ही आज दिनेश मोहन एक मॉडल के रूप में इंडस्ट्री में छाए हुए हैं।
दिनेश मोहन ने लगभग 6 महीने में 50 किलो वजन घटकर अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड की जिसकी वजह से उनको लोगों ने मॉडलिंग के लिए सजेस्ट किया।
मॉडलिंग की दुनिया के हिरो
जिस ऑडिशन में दिनेश मोहन गए थे वह सब दिनेश मोहन को देखकर हक्के-बक्के थे कि 57 और 60 की उम्र में भी कोई मॉडलिंग के लिए अप्लाय कर सकता है, और हैरानी की बात यह थी कि उन सब यंग लड़कों में DINESH MOHAN को सेलेक्ट कर लिया गया था।
उसके बाद जैसे हवाओं ने रुक ही बदल लिया यह उनका ट्रांसपोर्टेशन देखकर लोग अब हैरान हो गए हैं कि जो आदमी मरने के कगार पर था।

वह आज एक फिट इंसान है और मॉडलिंग शुरू की है और उनकी बॉडी देखकर कोई भी नहीं बोल सकता कि वह आज 63,64 साल के हैं।
बिस्तर से सुपर मॉडल तक का सफर
हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि इस ट्रांसफॉर्मेशन के पीछे इस शख्स की कितनी बड़ी लड़ाई है उन्होंने 12 साल तक डिप्रेशन से लड़ाई दी वेट लॉस यीशु के साथ और रिजेक्शन के साथ खुद को इस दुनिया से दुनिया के साथ फेस किया है।
इस इंसान की सक्सेस के पीछे मुश्किल लम्हे छिपी है जिसकी वजह से आज यह व्यक्ति डटकर खड़ा हुआ है।
दिनेश मोहन की इस लड़ाई के पीछे इतना सारा दर्द छुपा है के 12 साल तक यह इंसान मौत से लड़ने के बाद आज दुनिया के सामने एक आइडल बनके खड़ा है।
दिनेश मोहन की तस्वीर देखकर आज कोई भी नहीं कह सकता कि यह इंसान एक साल तक बिस्तर पर पड़ा हुआ था जो खुद के हाथ पैर तक नहीं हिला सकता था।
आज दिनेश मोहन की तस्वीर देखकर बॉलीवुड के स्तर भी हक्के-बक्के रह गए हैं क्योंकि इतनी अच्छी मॉडलिंग शायद उन्होंने भी नहीं की होगी।
दिनेश मोहन की यह स्टाइलिश तस्वीरें और रैंप वॉक देखकर लोग उनसे इंस्पायर हो रहे हैं कि उम्र सिर्फ एक नंबर बनकर रह गया है।
दादा बनने की उमर में बन बैठे…
किसी ने भी नहीं सोचा होगा की 63 की उम्र में कोई इंसान अपनी जिंदगी की शुरुआत कर सकता है।

दादा बनने की उम्र में दिनेश मोहन ने जिंदगी का सफर शुरू किया है वह सच में अपने आप में ही एक लाजवाब सक्सेस है।
दिनेश मोहन खुद लोगों को बताते हैं की हारून अगर खुद पर विश्वास होगा तो उम्र के किसी भी पद में आपका नसीब बदल सकता है।
बस जिंदगी जीने की वजह ढूंढनी चाहिए हमें एहसास होना चाहिए इस बात का के अभी हम हारे नहीं है इंसान तभी खड़ा होकर कुछ कर सकता है जब वह पूरी तरह से टूट चुका हो।
आधा टूटा इंसान खुद के लिए और दुनिया के लिए खतरनाक होता है इसलिए अगर टूटना है तो पूरी तरह टूटो और पूरी तरह उठकर खड़े हो जाओ।
THE UNSTOPPABLE DINESH MOHAN
दिनेश मोहन की तस्वीर देखकर कोई भी उनकी उम्र का पता नहीं लग सकता कि वह इंसान 60 प्लस है।
उनका मॉडलिंग का अंदाज इतना कॉल है कि कोई भी उन पर दिल हार जाए।
उनका अंदाज इतना कल है कि जब लोग यह जानते नहीं कि वह मॉडल है फिर भी उनकी पर्सनैलिटी की वजह से लोग उनके साथ सेल्फी खींचने की रिक्वेस्ट करते हैं।
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जब दिनेश मोहन ने ऑडिशन दिया था तब उन्होंने अपने बालों को कलर करके ऑडिशन दिया था जब वह ऑडिशन के लिए सिलेक्ट हो गए थे तब उनको सजेस्ट किया था कि आप बालों को कलर करके मॉडलिंग मत करो।
आपका जो ओरिजिनल लुक है आप इस ग्रे बालों में ही अपनी मॉडलिंग शुरू करो वह आपकी पर्सनालिटी को एक अच्छा लेवल देता है।
इस सजेशन के बाद दिनेश मोहन ने उसके बाद कभी भी अपने बालों को कलर नहीं किया उन्होंने अपने ओरिजिनल वाइट बालों के साथ ही और दाढ़ी मूंछों के साथ ही रैंप वॉक किया।
दिनेश मोहन कहते हैं कि इट्स नेवर टू लेट जब भी आपको लगे कि आप कुछ कर सकते हो तब यह बात मत सोचना कि इस उम्र में क्या यह बात अच्छी लगेगी जिस दिन आपके मन में ख्याल आया उसी दिन से इस पर काम करना शुरू किया जाए ताकि अंजाम जल्द ही मिले।
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