HIROSHIMA : ATOMIC BOMBING THE DESTROY OF 1945

6 अगस्त को HIROSHIMA दिन “काला दिन” के नाम से मनाया जाता है।

6 अगस्त को HIROSHIMA दिवस एक मातम के रूप में मनाया जाता है क्योंकि 1945 में हुए विनाशकारी परमाणु हमले की कारण लाखों लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी और जो बच गए वह जिंदगी भर के लिए अपाहिज बन गए।

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6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने हिरोशिमा के ऊपर ”लिटिल बॉय” नामक परमाणु बम गिराया था उस परमाणु बम की वजह से लगभग 140000 से भी ज्यादा लोगों की जाने गई थी।

उसके बाद 9 अगस्त 1945 को बॉक्सकार नामक बी –29 विमान से “फैटमैन” नाम का परमाणु बम नागासाकी शहर पर डाला गया था।
इस नागासाकी के हल्ले में 80000 से अधिक लोगों ने अपनी जान गवाही और उसमें से जो जिंदा बचे वह हमेशा के लिए अपाहिज बनकर रह गए।

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इन सब के बावजूद भी जापान ने हार नहीं मानी ।


9 अगस्त के दिन अमेरिका ने कोकुरा शहर के ऊपर B–29 बॉक्सकार भेजा।


कोकुर के ऊपर ज्यादा क्लाउड होने के कारण पायलट मेजर चार्ल्सविनी ने बम डालने से रोका।

इसलिए दूसरा निशान नागासाकी के ऊपर दिया गया इसकी वजह से सुबह 11:02 पर “फैटमैन” डाला गया।


यह “प्लूटोनियम” बम हिरोशिमा में यूज किए हुए बम से भी अधिक शक्तिशाली था उसमें से 22 किलोमीटर का स्पोट हुआ था।

अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम क्यों गिराया


अमेरिका और जापान के बिच दुसरा महायुद्ध चल रहा था।
अमेरिका चाहता था कि यह जल्दी से जल्दी महायुद्ध समाप्त हो जाए, लेकिन जापान हार मानने की कगार पर नहीं था।

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जब इसके बावजूद भी जापान हार मानने के लिए तैयार नहीं था तब अमेरिका ने परमाणु हथियार और सोवियत संघ के साथ अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया।

अमेरिका को यह डर भी था कि अगर जापानी सेना आक्रामक होकर आक्रमण करती है तो अमेरिका के सैनिक की भारी भरकम जाने जा सकती थी।
इसलिए अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 को हिरोशिमा के ऊपर और 9 अगस्त को नागासाकी के ऊपर परमाणु बम गिराए।

सोवियत का हस्तक्षेप

  • जापान को सबसे बड़ा झटका तो तब लगा जब सोवियत संघ ने युद्ध में भाग लिया।
  • 8 अगस्त 1945 को सोवियत संघ ने जापान के विरुद्ध युद्ध करने की घोषणा की।
  • सोवियत एक महा शक्तिशाली सैन्य संघ था जिसका मुकाबला जापान कर ही नहीं सकता था।

जापान ने आखिर हार मान ली

6 अगस्त 1945 को हिरोशिमा के ऊपर “लिटिल बॉय” और 9 अगस्त 1945 को नागासाकी के ऊपर “फैटमन” नामक परमाणु गिराए गए थे।

जिनकी वजह से जापान की युद्ध क्षमता को काफी कमजोर कर दिया गया था और देश को भारी नुकसान सुना पड़ा था।

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इन सभी कारणों की वजह से जापान को आप आत्म समर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया।

10 अगस्त 1945 को जापान ने आत्मसमर्पण करने की घोषणा कर दी।
जापान ने स–शर्त आत्मसमर्पण की पेशकश की थी जिसमें सम्राट को प्रतीकात्मक प्रमुख बनाए रखने की शर्त रखी थी।

अमेरिका ने बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की और 15 अगस्त 1945 को जापान ने बिना शर्त आत्म समर्पण कर दिया था।

दूसरा विश्व युद्ध क्यों हुवा था

दूसरा विश्व युद्ध 1939 से लेकर 1945 तक चला था।


दूसरा विश्व युद्ध कई कारणों से हुआ था।

दूसरा विश्व युद्ध पहले विश्व युद्ध के कारण हुआ था जब पहला विश्व युद्ध हुआ था तो उसके परिणाम दूसरे युद्ध में “सैन्यवाद, गठबंधन, साम्राज्यवाद और राष्ट्रवाद” में विभाजित हुए और दूसरा महायुद्ध हुआ।

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जिसमें प्रथम विश्व युद्ध के बाद की आर्थिक मंदी , सैन्यवाद, आक्रामक विदेश की नीतियां शामिल थी। HIROSHIMA

वर्साय की संधि ने जर्मनी पर कठोर शर्तें लाद दी थी जिसकी वजह से देश में आर्थिक सामाजिक और राजनीतिक स्थितियां बिगड़ती ही जा रही थी।

1 सितंबर 1939 को पोलैंड के ऊपर जर्मनी ने आक्रमण किया जिसके बाद फ्रांस और ब्रिटेन ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।

जापान ने पर्ल हार्बर पर 7 दिसंबर 1941 को हमला किया जिससे अमेरिका दूसरे विश्व युद्ध में शामिल हो गया।

सोवियत संघ पर जर्मनी ने आक्रमण किया जिससे पूर्व यूरोप में युद्ध शुरू हो गया वह 22 जून 1941 का दिन था।

दूसरे विश्व युद्ध में किसकी जीत हुई


1939 to 1945 के इस दूसरे विश्व युद्ध में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, सोवियत संघ, और फ्रांस विजयी हुए।
जर्मनी, इटली और जापान इन देशों को हार स्वीकार करनी पड़ी ।
जब जापान ने हार स्वीकार की तब जाकर दूसरे महा विश्व युद्ध को विराम मिला।

8 में 1945 यूरोप में युद्ध समाप्त हुआ जब जर्मनी ने आत्म समर्पण कर दिया।
बाकी क्षेत्र में युद्ध 2 दिसंबर 1945 को समाप्त हुआ जब जापान ने आत्मसमर्पण किया।

दूसरे विश्व युद्ध के चार कारण क्या है


दूसरा विश्व युद्ध पहले विश्व युद्ध के कारण हुआ था जब पहला विश्व युद्ध हुआ था तो उसके परिणाम दूसरे युद्ध में “सैन्यवाद, गठबंधन, साम्राज्यवाद और राष्ट्रवाद” में विभाजित हुए और दूसरा महायुद्ध हुआ।

दूसरा विश्व युद्ध विराम

1939 to 1945 के इस दूसरे विश्व युद्ध में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, सोवियत संघ, और फ्रांस विजयी हुए।


जर्मनी, इटली और जापान इन देशों को हार स्वीकार करनी पड़ी ।


जब जापान ने हार स्वीकार की तब जाकर दूसरे महा विश्व युद्ध को विराम मिला।

जापान की आत्म समर्पण के बाद ही दूसरा युद्ध वहां पर समाप्त हो गया।

हिटलर और दूसरा विश्व युद्ध

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  • द एडोल्फ हिटलर जर्मनी का हुकुमशाह था।
  • एडोल्फ हिटलर ने दूसरे महायुद्ध में बहुत अहम भूमिका निभाई है जिसने जर्मनी को युद्ध के कगार पर ले जाकर मित्र राष्ट्र के विरुद्ध युद्ध में पुकारा था।
  • हिटलर ने पोलैंड के ऊपर आक्रामक आक्रमण करके दूसरे महायुद्ध को शुरू कर दिया था ।
  • एडोल्फ हिटलर ने यूरोप जितने के ख्वाब देख रखे थे इस वजह से उसने जर्मनी को युद्ध की दिशा की ओर ले गया।
  • एडोल्फ हिटलर जर्मनी का हुकमशाह था जिसके आगे किसी की भी नही चलती थी।
  • एडोल्फ हिटलर ने खुद के दामादों को भी गोलियां मार कर मार डाला था ।
  • इतना निर्दई एडोल्फ हिटलर जिसने दुनिया जीतने का सपना देखा था।
  • वह चाहता था की दुनिया में एडोल्फ हिटलर के अलावा कोई भी तानाशाह नहीं हो दुनिया सिर्फ एडोल्फ हिटलर के उंगलियों पर ही नाच नचाऐ।

ज्यु लोगों से क्यों नफरत करता था हिटलर

एडोल्फ हिटलर क्रूर था जिसने जू लोगों को एक बंद कमरे में बंद कर के जिसमें खिड़कियां दरवाजे नहीं थे और उसमें जहरीली गैस छोड़कर उनको मार डाला था।

ज्यु लोगों से क्यों इतनी नफरत करता था हिटलर-

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ज्यु लोग जो थे वह दुनिया भर से लड़कियों को प्यार में बहला फुसलाकर अपने देश लाते थे।

उनसे शारीरिक संबंध रखकर उनसे बच्चे पैदा करते थे और वह बच्चे अलग जगह रखकर उनको सैन्य की ट्रेनिंग देकर युद्ध में उनका उपयोग करते थे।

यह बात हिटलर को पसंद नहीं थी इसलिए हिटलर ने सभी ज्यु लोगों को एक बंद कमरे में डालकर जहरीली गैस छोड़कर मार डाला था।

हिटलर के सैन्य को नहीं थी यह परमिशन

एडोल्फ हिटलर जो जर्मनी का हुकमशाह था।
हिटलर के सैन्य को शादी करने की परमिशन नहीं थी।
सिर्फ शादी ही नहीं बल्कि किसी से प्यार करने की भी परमिशन नहीं थी।

क्योंकि हिटलर का मन नहीं होता कि अगर यह लोग शादी करेंगे तो इनका दिल दिमाग घर में लगा रहेगा और युद्ध में अपना पूरा अनुदान नहीं दे पाएंगे।

इसलिए एडोल्फ हिटलर के सैन्य मे शामिल लोगों को शादी या फिर प्यार करने की परमिशन नहीं थी ।
अगर कोई किसी के साथ या फिर किसी की तरफ देखता हुआ भी अगर पाया गया तो हिटलर खुद उसे गोली मार देता था।

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FAQ

हिरोसिमा पर बम गिराने वाला इंसान ?

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पॉल वॉरफील्ड टिबेट्स जूनियर बॉक्सकार नामक बी –29 विमान का पायलट था।

अमेरिका ने कितने परमाणु बम गिराए थे ?

6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने हिरोशिमा के ऊपर ”लिटिल बॉय” नामक परमाणु बम गिराया था उसके बाद 9 अगस्त 1945 को बॉक्सकार नामक बी –29 विमान से “फैटमैन” नाम का परमाणु बम नागासाकी शहर पर डाला गया था।

हिरोशिमा शहर कहां पर स्थित है ?

हिरोशिमा शहर जापान के मुख्य द्वीप होन्शू (Honshu) पर स्थित है।

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