(LOKSABHA AND RAJYASABHA) देश में केवल एक ही लोकसभा और राज्यसभा है।

लोकसभा को भले ही निचला सदन कहा गया है लेकिन राज्यसभा से भी ज्यादा पावर लोकसभा के पास होती है।
क्योंकि लोकसभा के सदस्य सीधे लोगों से चुने जाते हैं और राज्यसभा के सदस्य इनडायरेक्ट इलेक्शंस के थ्रू चुने जाते हैं।
निचला सदन (लोकसभा)(LOWER HOUSE)
उच्च सदन (राज्यसभा)( UPPER HOUSE)
हर राज्य में विधानसभा है।
विधान परिषद्
केवल 6 राज्यों में ही विधान परिषद् हैI
- महाराष्ट्र
- बिहार
- कर्नाटक
- आंध्र प्रदेश
- तमिलनाडु
- उत्तर प्रदेश
भारत का निचला सदन, जिसे लोकसभा या लोगों का सदन भी कहा जाता है (HOUSE OF THE PEOPLE)
लोगों द्वारा सीधे चुने गए प्रतिनिधियों से बना होता है।
LOKSABHA SADASYA
- लोकसभा को भंग किया जा सकता है जबकि राज्यसभा को कोई भी भंग नहीं कर सकता है।
- लोकसभा का सदस्य होने के लिए भारत का नागरिक होना चाहिए और 25 साल मिनिमम आयु होनी चाहिए।
- लोकसभा के मेंबर्स को डायरेक्ट पब्लिक के द्वारा चुना जाता है जो कि अपना मत देकर इनका इलेक्शन में जीत सकते हैं।
- पहले लोकसभा के सदस्यों की संख्या 552 थी जिसमें 2019 में अमेंडमेंट एक्ट 104 के तहत इस एक्ट को रद्द किया गया और एंग्लो इंडियन की दो संख्या को निकाल कर कल 550 संख्या फाइनल की गई है।
- लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 550 है: (LOKSABHA AND RAJYASABHA)
- 530 राज्य (STATE) से और 20 संघ शासित (UNION TERRITORY) प्रदेशों से।
- 2019 के 104 वें संशोधन अधिनियम (Amendment Act) ने भारत के राष्ट्रपति द्वारा Anglo Indian सदस्यों के नामांकन को बंद कर दिया।
ELECTIONS OF LOKSABHA
- लोकसभा के सदस्य संख्या कुल मिलाकर 550 हैं।
- जिसमें से वर्तमान में सिर्फ 543 सदस्य लोकसभा में बैठे हुए हैं।
- जिसमें से 524 सदस्य राज्यों से लिए जाते हैं।
- और 19 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से लिए जाते हैं।
लोकसभा सदस्य के रूप में चुने जाने के लिए उनको पिछली किसी भी इलेक्शंस में कम से कम एक बार जितना होता है तभी जाकर वह लोकसभा के सदस्य के रूप में चुने जाते हैं। (LOKSABHA AND RAJYASABHA)
लोकसभा सदस्य अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए सदस्य चुने जाते हैं
POWERS OF LOKSABHA
- राष्ट्रीय स्तर पर बजट पारित करना।
- लोकसभा के दो मुख्य कार्य हैं विधायी (Legislative ) और कार्यकारी नियंत्रण ( Executive Body).
- विधायिका का काम होता है कि लोगों के लिए लॉ तैयार करना।
और विधायिका का सबसे बड़ा काम है लोकसभा मैं बजट पारित करना। - गवर्नमेंट को प्रश्न पूछना सवाल जवाब करना अविश्वास प्रस्ताव दाखिल करना जैसे विभिन्न टैटो के माध्यम से यह लेजिसलेटिव बॉडी और एग्जीक्यूटिव बॉडी को नियंत्रित करता है और मंत्री परिषदों को जवाब देने के लिए मजबूर भी कर सकता है।
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FUNCTIONS OF LOKSABHA
LEGISLATIVE FUNCTIONS (विधायी कार्य)
कानून बनाता है
लोकसभा कानून का मसौदा तैयार करती है, पारित करती है और संविधान की संघ और समवर्ती सूची में सूचीबद्ध विषयों पर संशोधन करती है।
2. वित्त का प्रबंधन करती है
मनी बिल शुरू करने की विशेष शक्ति
यह संघ बजट और व्यय को मंजूरी देने के लिए है।
3. कार्यपालिका नियंत्रण →
प्रश्नकाल और अविश्वास प्रस्ताव जैसे तंत्रों के माध्यम से यह कार्यपालिका पर नियंत्रण रखती है, मंत्रिपरिषद को जवाबदेह बनाती है।
4. सरकार को जवाब दे बनाती है।
प्रश्नकाल और चर्चा के माध्यम से लोकसभा कार्यपालिका पर नियंत्रण रखती है, मंत्रियों से जवाब मांगती है, सरकार की कार्रवाइयों पर बहस करती है, और अविश्वास प्रस्ताव पारित करके मंत्रिपरिषद को हटाने की शक्ति रखती है।

(LOKSABHA AND RAJYASABHA)
5. बजट को लागू करती है –
लोकसभा की मंजूरी के बिना कार्यपालिका कोई भी पैसा खर्च नहीं कर सकती, जिससे इस सदन को वित्तीय नियंत्रण मिलता है।
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“अगर देश में कोई एमरजैंसी सिचुएशन आती है तो लोकसभा के कार्यकाल को 1 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।“
राज्यसभा (UPPER HOUSE)
उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सभापति अध्यक्ष होता है।
राज्यसभा के सदस्य डायरेक्ट लोगों द्वारा नहीं चुने जाते हैं।
राज्यसभा का कार्यकाल कल 6 साल का होता है।
राज्यसभा के मेंबर्स राज्य विधायिका असेंबली के मेंबर्स द्वारा चुने जाते हैं। (LOKSABHA AND RAJYASABHA)
FUNCTIONS OF RAJYASABHA
राज्यसभा को काउंसिल ऑफ स्टेट भी कहा जाता है।
राज्य प्रतिनिधियों के लिए( FOR STATE REPRESENTATIVE)
राज्य विधानसभा के निर्वाचित सदस्य अपने राज्य के लिए राज्यसभा प्रतिनिधियों के लिए वोट करते हैं।
संघ शासित प्रदेशों के लिए ( FOR UNION TERRITORY)
निर्वाचक मंडल के सदस्य, जो आम तौर पर उस विशिष्ट संघ शासित प्रदेश के लिए विधानसभा होती हैI
लोकसभा वित्तीय मामलों में राज्यसभा से अधिक शक्तिशाली है और कार्यपालिका की जवाबदेही के मुद्दे पर भी इसकी अधिक शक्तियाँ हैं।
जबकि दोनों सदन विधायी प्रक्रिया के लिए आवश्यक हैं, लोकसभा की स्थिति अधिक मजबूत है क्योंकि यह एकमात्र सदन है जो धन विधेयक पेश कर सकता है I (LOKSABHA AND RAJYASABHA)
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RAJYASABHA MEMBERS
राज्यसभा मेंबर qualification
राज्यसभा का मेंबर होने के लिए भारतीय नागरिकता होनी चाहिए।
उस व्यक्ति की कम से कम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए।
राज्यसभा के 250 मेंबर्स में से 12 ऐसे सदस्य होते हैं जो कि राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए जाते हैं।
उसमें से हर 2 साल में एक तिहाई (1/3) मेंबर को रिटायर किया जाता है|
अभी 2025 में राज्यसभा के सदस्यों की संख्या कुल 245 है।

आज अभी भी रिजर्व सीट्स है जो कि संसद की जरूरत के अनुसार ही भरे जाते हैं।
राज्यसभा के उन पांच मेंबर में से जो सदस्य चुने जाते हैं वह तो स्टेट से या फिर यूनियन टेरिटरी से चुने जाते हैं।
जिनको राष्ट्रपति द्वारा स्पेशल अधिकार दिए जाते हैं।
वर्तमान में सदस्य संख्या 245 है।
अधिकतम सदस्य 250 होते हैं।
निर्वाचित संख्या जिसका मतलब है कि जो इलेक्शन में जीतकर वहां तक पहुंचाते हैं वह होते हैं 243 जो के स्टेट से चुने जाते हैं।
प्रेसिडेंट द्वारा चुने गए सदस्यों की संख्या 12 होती है जिनको मनोनीत सदस्य कहा जाता है।
जो के राष्ट्रपति खुद चुनते हैं।
और यूनियन टेरिटरी से लिए जाते हैं 8 सदस्य I
जिसमें दिल्ली से लिए जाते हैं 3 सदस्यI
जम्मू एंड कश्मीर से लिए जाते हैं 4 सदस्य I
और पांडिचेरी से लिया जाता है 1 सदस्य। (LOKSABHA AND RAJYASABHA)

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