14 AUGUST 1947: ”PARTITION’S BLOOD WITH DARK LEGACY”

14 AUGUST 1947 (BiographyDuniya.Com)

आज हम हिंदुस्तान की आजादी का जश्न मना रहे हैं ।


लेकिन शायद हम भूल गए हैं कि यह दिन मनाने से पहले लाखों करोड़ों लोगों ने अपने जिंदगी की कुर्बानीया दी है।


हंसते-हंसते सूली चढ़े हैं हंसते-हंसते छाती पर गोलियां खाई है।

14 AUGUST 1947


यह आजादी सिर्फ भारत को ब्रिटिश से आजाद करने के लिए नही  ली है, तो इतिहास के पन्नों पर यह इतिहास रचने के लिए के ली गई है कि भारत भी किसी से कम नहीं है।

14 August 1947

14 August 1947 की आधी रात से ही भारत के आधे टुकड़े किए।

14 August 1947 की शाम महात्मा गांधी ने कोलकाता में सभी लोगों को संबोधीत करते हुए कहा कि कल से हम अंग्रेजों से मुक्त हो जाएंगे लेकिन आज आधी रात से ही भारत के आधे टुकड़े होंगे।

14 AUGUST 1947


आज 14 AUGUST 1947 का दिन बहुत ही दुखद होगा क्योंकि आज पता नहीं की कौन-कौन विभाजित होगा।
हमारे भाई बहन हमसे हमेशा के लिए बिछड़ जाएंगे।


14 AUGUST 1947 को आधा भारत ,भारत से रवाना हो जाएगा।

14 अगस्त को भारत को तसल्ली तो मिल गई थी कि हम अब से आजाद हैं लेकिन जो दर्द बंटवारे का हो रहा था वह सहना मुश्किल हो रहा था।

क्या हुआ था 14 अगस्त 1947 को

  • 14 अगस्त को इतिहास में खून के आंसुओं से कहानी लिखी गई थी।
  • 14 अगस्त 1947 को देश का विभाजन हुआ था।
  • भारत के इस विभाजन में न केवल उपमहाद्वीप के दो टुकड़े किए थे बल्कि बंगाल की फालनी भी हुई थी।
  • इस बंगाल के हिस्से को भारत से अलग करके पूर्व पाकिस्तान बना दिया गया था जो 1947 के युद्ध के बाद बांग्लादेश बन गया है।
14 AUGUST 1947
  • 14 AUGUST 1947 को भारत मां से अपने बच्चे जुदा हुए थे।
  • कितने सारे परिवार टूट गए थे।
  • कितने सारे परिवारों की भावनाओं को दो हिस्सों में बांट दिया गया था।
  • यह तो सिर्फ केहने के लिए भारत का बंटवारा था लेकिन यह बटवारा हम आज तक नहीं भूले।
  • यह बटवारा तब तक याद रहेगा जब तक भारत इस दुनिया में दिखता रहेगा ।
  • आने वाली नस्ल इस तारीख को हर साल रक्त रंजित दिन के नाम से महसूस करती रहेंगी।
  • 14 AUGUST 1947 को भारत मां का सीना छलनी छलनी हो गया था जिसके जख्म आज तक कोई भी भर नहीं पाया है।

14 AUGUST 1947 को भारत को तसल्ली तो मिल गई थी कि हम अब से आजाद हैं लेकिन जो दर्द बंटवारे का हो रहा था वह सहना मुश्किल हो रहा था।


भारत के सीने पर जो एक लकीर खींच दी गई थी उसका नाम कोई और नहीं ”पाकिस्तान” था।


“भारत के इस बटवारे से पाकिस्तान का जन्म हुआ था जिसकी वजह से 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान दिन मनाया जाता है। “

खूनी 14 AUGUST 1947

उस दिन इंसानों ने इंसानियत छोड़कर हैवानियत अपना ली थी।
बस जिसे देखते काट डालते,
मार डालते उनका सिर्फ यही मकसद था की जितनी हो सके उतनी लाशे बढ़ा दी जाए।

जब भारत का बंटवारा दो हिस्सों में हो रहा था तब सिर्फ भारत पाकिस्तान का बंटवारा नहीं तब इन दो देशों के बीच में संपत्ति और सेना का भी बंटवारा किया गया था।


जिसका समाधान ढूंढने के लिए पंजाब विभाजन समिति का गठन किया गया था।

10 लाख हिंदुओं की जाने गई थी


14 अगस्त सिर्फ बटवारे के लिए ही नहीं जाना जाता बल्कि 14 AUGUST 1947 यह दिन इतना दर्दनाक माना जाता है कि इस दिन सिर्फ भारत-पाकिस्तान का बंटवारा न होकर पूरे भारत में हिंसा फैली हुई थी।


इस दिन जाने कितने लोगों ने अपने भाई-बहन अपना परिवार अपने दोस्त खो दिए थे।


लोग धर्म के नाम पर सिर्फ दुश्मन बन बैठे थे और जिसकी वजह से खुलेआम कत्ल किया जा रहे थे।


जिसमें हिंदू और सिख लोगों की 10 लाख से भी ऊपर जाने गई थी।

1 दिन में 10 लाख अपनों को खोने का दर्द सिर्फ भारत ही महसूस कर सकता है।


वह कहते हैं ना कि कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है तो आजादी पाने के लिए भारत ने अपने 10 लाख लोगों को खो दिया था।

आजादी यूं ही नहीं मिली।

तब जाकर भारत को 14 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी।

1757 से ब्रिटिश शासन


1757 से शुरू हुआ था ब्रिटिश शासन।


1757 भारत में ब्रिटिश का शासन शुरू हुआ था जिसकी वजह से अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी की प्लासी की लड़ाई में जीत हुई और उन्होंने भारत देश पर नियंत्रण हासिल कर लिया।

प्लासी की लड़ाई

14 AUGUST 1947


ब्रिटिश शासन ने लगभग 100 वर्षों तक भारत पर राज किया।

प्लासी की इस लड़ाई में सिराज उद्दोला, बंगाल के नवाब को हराया था जिस वजह से बंगाल में सत्ता स्थापन हुई और इस प्लासी की लड़ाई की वजह से ही पूरे भारत में धीरे-धीरे उन्होंने अपनी शासन फैला कर भारत को पूरी तरह से अपने काबू में ले लिया।

ब्रिटिश शासन की शुरुआत यहां से हुई थी


ब्रिटिश शासन की शुरुआत बंगाल से हुई थी।


बंगाल की समृद्धि लूटकर ब्रिटिशों ने अपनी ताकत बढाई।


ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने व्यापार के बहाने आकर यहां के लालची राजा महाराजाओं को स्वादिष्ट मसाले की लालच देकर खरीद लिया था।

14 august 1947


क्योंकि भारत में मसाले नहीं बनते थे और ब्रिटिश से यह लोग लज्जतदार मसाले बनाकर भारत में बेचते थे।


भारत को जब इन मसाले की आदत पड़ गई तब इन्होंने यह मसाले महंगे कर दिए और अपना व्यापार बढ़ाना शुरू कर दिया।


भारत में आकर चीजों पर ज्यादा भाव लगाने की वजह से यहां के राजा महाराजा और नवाबों के बीच में आपसी विवाद होने लगे जिसका फायदा उठाकर ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी सत्ता जमाना चालू किया।

14 AUGUST 1947

भारत के कच्चे माल को खरीद कर ब्रिटेन में भेज कर वह सामान तैयार करने के बाद भारत में ही लाकर महंगे दामों पर बेचा जाता था।
भारत पर ब्रिटिश ने व्यापार करने के बहाने से राज करना चालू किया।

ईस्ट इंडिया कंपनी का 100 सालों का शासन

ईस्ट इंडिया कंपनी का 100 सालों का शासन
1857 को ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया और भारत पर ब्रिटिश शासन की शुरुआत हो गई।


1857 में भारत के सैनिकों ने और आम जनता ने ब्रिटिश के खिलाफ विद्रोह किया जिसकी वजह से भारत स्वतंत्रता की ओर बढ़ जाने वाला यह सबसे पहले संघर्ष माना जाता है।

14 AUGUST 1947


माना जाता है कि यह विद्रोह इतना सफल नहीं रहा लेकिन इसकी वजह से ब्रिटिश कंपनी की नीव टूट गई थी।

1857 से 1947 का सफर

भारत के कच्चे माल को खरीद कर ब्रिटेन में भेज कर वह सामान तैयार करने के बाद भारत में ही लाकर महंगे दामों पर बेचा जाता था।


भारत पर ब्रिटिश ने व्यापार करने के बहाने से राज करना चालू किया।

14 AUGUST 1947

ब्रिटिशों ने भारतीय पारंपरिक व्यापार और व्यवहारों को बंद करके अर्थव्यवस्था को बदलकर ब्रिटिश के निर्माण की अर्थव्यवस्था की नीव रख दी।

जिसकी वजह से भारत के औद्योगिक और उद्योगों को भारी नुकसान होने लगा जिसकी वजह से भारत में गरीबी बढ़ती गई।

ब्रिटिश प्रशासन

ब्रिटिश ने भारत में आने के बाद अपनी पकड़ मजबूत बना ली।
जिसकी वजह से ब्रिटिश प्रशासन ने राजनीतिक अधिकार उन्होंने अपने हाथ में ले लिए और भारत को सभी अधिकारों से वंचित रखा।

14 AUGUST 1947

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जिसका परिणाम भारत के ऊपर इतना गहरा हुआ के भारत पूरी तरह से उनके काबू में चला गया।


भारत में रहने के बावजूद भी भारत की भारत के ऊपर सत्ता नहीं रही ।


”तब भारत को पता चला कि भारत को स्वतंत्रता पाने के लिए खुद के देश में ही लड़ना पड़ेगा।”

संचार माध्यम

ब्रिटिश सरकार ने अपने व्यापार और प्रशासन को बढ़ाने के लिए भारत में रेलवे, डाक , टेलीग्राम की सुविधाओं का निर्माण किया जिसकी वजह से उनको भारत में सामग्री की लेनदेन के लिए आसानी पड़े।

संविधान

ब्रिटिश प्रशासन ने भारत में कुछ केंद्रीयकृत प्रशासन की नीव रखी है।

जिसे संविधान के रूप से भी जाना जाता है भारत स्वतंत्र होने के बाद जिसमें से बहुत कुछ बातें भारत ने अपनाई है।

शिक्षा का बड़ा बदलाव

भारत में आने के बाद ब्रिटिश लोगों ने बहुत सारे बदलाव किए जिसमें से एक है कि उन्होंने भारत में शिक्षा को बढ़ावा दिया भारतीय संस्कृति जिसके पूरी तरह खिलाफ थी।

ब्रिटिश शासन ने हालांकि यह बात अपने मतलब के ही लिए की थी ।
लेकिन शिक्षा की वजह से भारत ने खुद को स्वतंत्र करने के लिए बहुत बड़ा योगदान भी दिया है।

ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में कई बदलाव हुए जिसका विकास में अनुरूपण भी हुआ और बहुत सारे नुकसान भी हुए।
ब्रिटिश सरकार की वजह से भारत को अपने ही अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ा ।


भारत को अपने रक्त की बलि देनी पड़ी, अपनों को खोना पड़ा, अंततः 14 अगस्त 1947 की आधी रात में भारत को स्वतंत्रता मिली।

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FAQ

प्लासी की लड़ाई कब शुरू हुई थी ?

23 जून 1757 को प्लासी की लड़ाई की शुरुआत हुई थी।

बक्सर का युद्ध कब शुरू हुआ था और किसके बीच हुआ था?

बक्सर का युद्ध 22 और 23 अक्टूबर 1764 में शुरू हुआ था।
अवध के नवाब शुजा-उद-दौला और मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेनाओं के बीच और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और बंगाल के नवाब मीर कासिम के बीच लड़ा गया था।

भारत-पाकिस्तान के विभाजन का साहित्य किस नाम से जाना जाता है ?

भारत-पाकिस्तान के विभाजन का साहित्य ” विभाजन की त्रासदी” नाम से जाना जाता है।

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